बिहार विधानसभा चुनाव में उतरेगी आम आदमी पार्टी, अरविंद केजरीवाल ने किया बड़ा ऐलान
नई दिल्ली | 03 जुलाई: देश की राजधानी दिल्ली और पंजाब में सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी (आप) ने अब बिहार विधानसभा चुनाव में भी अपनी किस्मत आजमाने का ऐलान कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि ‘आप’ अब बिहार की जनता के लिए भी एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में सामने आएगी।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बिहार की जनता बदलाव चाहती है और आम आदमी पार्टी उसी बदलाव की राजनीति लेकर मैदान में उतरेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी प्रदेश में अपने मूलभूत एजेंडे — शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और भ्रष्टाचार मुक्त शासन के साथ चुनाव लड़ेगी। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम बिहार के लोगों को वही सुविधाएं और ईमानदार सरकार देना चाहते हैं जो हमने दिल्ली में दी हैं। हमारा उद्देश्य केवल सत्ता पाना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। हालांकि अभी सीटों की संख्या और उम्मीदवारों को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, आप बिहार की अधिकांश सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है। पार्टी की चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए वरिष्ठ नेताओं की एक टीम जल्द ही पटना में डेरा डालेगी।
केजरीवाल ने अपने बयान में कई बार दिल्ली मॉडल का जिक्र किया और कहा कि बिहार जैसे राज्य, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, रोजगार और बुनियादी सुविधाएं अभी भी जूझ रही हैं, वहां आम आदमी पार्टी की नीतियां एक नई दिशा दे सकती हैं। उन्होंने दावा किया कि “बिहार को भी अच्छे स्कूल, मोहल्ला क्लीनिक, सस्ती और चौबीसों घंटे बिजली की जरूरत है। हमने ये दिल्ली में कर दिखाया है और बिहार में भी कर सकते हैं।अरविंद केजरीवाल ने बिहार के पारंपरिक राजनीतिक दलों—जेडीयू, आरजेडी और बीजेपी—को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इन पार्टियों ने वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद बिहार को पीछे रखा। बिहार को जानबूझकर गरीब रखा गया है। अब वक्त है, जनता को सशक्त और जागरूक करने का।” सूत्रों के अनुसार, आम आदमी पार्टी बिहार में युवाओं और महिलाओं को विशेष प्रतिनिधित्व देने की योजना पर काम कर रही है। पार्टी की युवा और महिला शाखाएं बिहार में जल्द ही सदस्यता अभियान शुरू करेंगी।
आम आदमी पार्टी के इस फैसले ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि ‘आप’ राज्य की परंपरागत जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों के बीच अपनी नीति और काम के दम पर कितनी पकड़ बना पाती है।
बिहार विधानसभा चुनाव में अब एक और खिलाड़ी की एंट्री से मुकाबला और भी दिलचस्प होने की संभावना है।


