नई दिल्ली | 04 जुलाई: आज ‘मुख्यमंत्री जनसेवा सदन’ का शुभारंभ वैदिक विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न हुआ। माँ भारती और समस्त दिल्लीवासियों के कल्याण की भावना से, पूर्ण श्रद्धा, समर्पण और संकल्प के साथ पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस पावन अवसर पर मैंने यह संकल्प पुनः दोहराया कि जनसेवा ही मेरे जीवन का धर्म है और दिल्ली की जनता का कल्याण ही मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता।
‘मुख्यमंत्री जनसेवा सदन’ केवल एक भवन नहीं, यह दिल्ली की आत्मा की आवाज़ होगा। यह सदन दिल्ली के प्रत्येक नागरिक की चिंता, आशा, सुझाव और समाधान का केंद्र बनेगा। हर गली, हर मोहल्ले, हर वर्ग और हर व्यक्ति की बात अब सीधे सरकार तक पहुँचेगी- यहीं से, इसी सदन से।

यह भवन जनभागीदारी, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की उस परंपरा का विस्तार है, जिसकी नींव जनता के विश्वास से बनी है।
दिल्लीवासियों के स्नेह, समर्थन और आशीर्वाद से हमने आज इस जनकल्याणकारी अध्याय की शुरुआत की है। मैं आप सभी से आग्रह करती हूँ कि आइए, इस सदन को सेवा, समाधान और समर्पण का प्रतीक बनाएं। यहाँ से उठी हर आवाज़ को उत्तर मिले, हर शिकायत को समाधान, और हर नागरिक को सम्मान प्राप्त हो।


