देश कभी नही भूलेगा आपातकाल संविधान की भावना का उलंघन मोदी
काग्रेस सरकार में लोकतंत्र बन गया था बंधक: मोदी
आपातकाल कांग्रेस सरकार की क्रूर चालबाजी का प्रमुख प्रमाण : 42वां संशोधन जिससे संविधान में व्यापक परिवर्तन किए गए और जनता पार्टी सरकार ने जिसे पलट दिया, वह आपातकाल लगाने वाली कांग्रेस सरकार की चालों का एक प्रमुख प्रमाण है। गरीबों, हाशिए पर पड़े लोगों और दलितों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया, जिसमें उनकी गरिमा का अपमान भी शामिल है। – नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
नई दिल्ली। आपातकाल की 50वीं बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोई भी भारतीय कभी नहीं भूलेगा कि आपातकाल के दौरान किस तरह संविधान की भावना का उल्लंघन किया गया। पीएम मोदी ने सांविधानिक सिद्धांतों को मजबूत करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। मोदी सरकार ने पिछले साल आपातकाल की वर्षगांठ को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा, यह भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक था। संविधान के मूल्य दरकिनार किए गए, मौलिक अधिकार निलंबित किए और छात्रों व नागरिकों को जेल में डाला गया। ऐसा लग रहा था जैसे सत्ता में बैठी कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र को बेड़ियों में जकड़ लिया था।


