यादव कथावाचक होने की वजह से बाल छीला गया , पैर पर नाक रगड़वायी गई , अपमानित किया

इटावा । उत्तर प्रदेश के इटावा जनपद के अंतर्गत आने वाले बकेवर गांव में एक बेहद शर्मनाक और अमानवीय घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी झकझोर कर रख दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यादव समाज से जुड़े कथावाचक मुकुट मणि यादव और उनके साथियों को धर्म के ठेकेदारों ने न केवल शारीरिक रूप से पीटा, बल्कि उनके साथ मानसिक और सामाजिक स्तर पर घोर अपमानजनक व्यवहार भी किया।
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यादव कथावाचक होने की वजह से बाल छीला गया , पैर पर नाक रगड़वायी गई , अपमानित किया
यादव कथावाचक होने की वजह से बाल छीला गया , पैर पर नाक रगड़वायी गई , अपमानित किया

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इस हृदय विदारक घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथावाचकों के साथ की गई बर्बरता साफ-साफ देखी जा सकती है। वीडियो में यह भी नजर आता है कि कथावाचक मुकुट मणि यादव की जेब से ₹25,000 नगद लूट लिए गए। यही नहीं, कथित रूप से शुद्धिकरण के नाम पर उनके ऊपर मानव मूत्र का छिड़काव किया गया कृ जो कि सभ्य समाज के लिए एक घिनौनी हरकत है। कथावाचकों को छोटे-छोटे बच्चों के पैर छूने के लिए मजबूर किया गया, जिससे उनका आत्मसम्मान पूरी तरह से कुचला गया। उनके कपड़े फाड़ दिए गए, सिर की चोटी तक काट दी गई कृ यह सब सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि वे यादव समाज से ताल्लुक रखते थे और भागवत कथा कर रहे थे। हमलावरों का कथित तर्क था कि केवल एक विशेष वर्ग के लोग ही कथा कर सकते हैं, और यादव समाज से जुड़ा कोई व्यक्ति धार्मिक प्रवचन या कथा कैसे कर सकता है। यह मानसिकता न केवल जातीय भेदभाव को दर्शाती है, बल्कि सामाजिक समरसता के खिलाफ एक खतरनाक सोच को उजागर करती है

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